सुल्तानपुर।किसान सहकारी चीनी मिल लिमिटेड सुल्तानपुर में कथित भ्रष्टाचार और प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर उत्तर प्रदेश शासन ने सख्त कार्रवाई की है। उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग ने मिल के महाप्रबंधक (जीएम) राजेंद्र प्रसाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए पूरे मामले की विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं। जांच रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर शासन को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
यह कार्रवाई भाजपा नेता व गन्ना विकास समिति के चेयरमैन *शिवपाल सिंह गांधी द्वारा* गन्ना एवं चीनी उद्योग मंत्री को भेजी गई लिखित शिकायत तथा शासन स्तर पर की गई समीक्षा के बाद की गई है।
*शिकायत में लगाए गए थे गंभीर आरोप*
गन्ना विकास समिति के चेयरमैन शिवपाल सिंह गांधी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि किसान सहकारी चीनी मिल सुल्तानपुर में महाप्रबंधक द्वारा नियमों को दरकिनार कर मनमाने प्रशासनिक निर्णय लिए गए। शिकायत के अनुसार वर्ष 2025–26 में मिल की मरम्मत एवं रखरखाव के लिए शासन से प्राप्त धनराशि का समुचित उपयोग नहीं किया गया और मरम्मत के नाम पर केवल औपचारिकताएं पूरी की गईं।
शिकायत में यह भी कहा गया कि कुछ विभागों में अपने ही जिले से जुड़े कर्मचारियों की तैनाती की गई, जिससे निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए। साथ ही तत्कालीन जिला गन्ना अधिकारी और मिल के चीफ केमिस्ट की भूमिका को लेकर भी शिकायत में आपत्ति दर्ज कराई गई थी।
शासन ने प्रथम दृष्टया माने आरोप
उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोप प्रथम दृष्टया गंभीर पाए गए। इसी के चलते महाप्रबंधक राजेंद्र प्रसाद को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में संबंधित अधिकारी को उत्तर प्रदेश सहकारी सेवा (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के अंतर्गत नियमानुसार निर्वाह भत्ता देय होगा।
शासनादेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अधिकारी बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे और जांच में पूरा सहयोग करना अनिवार्य होगा।
*15 दिन में जांच रिपोर्ट देने के निर्देश*
शासन ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया है। जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच करते हुए 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें, ताकि आगे की कार्रवाई तय की जा सके।
सहकारी क्षेत्र में मचा हड़कंप
चीनी मिल जैसे बड़े सहकारी संस्थान में जीएम स्तर के अधिकारी पर हुई इस कार्रवाई से गन्ना विभाग और सहकारी क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। गन्ना किसानों और मिल से जुड़े कर्मचारियों की नजरें अब जांच रिपोर्ट और शासन के अगले फैसले पर टिकी हैं।

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